Daily Archives: 04/05/2018

केंचुल “

” साहब अपने ऑफिस में, आरामदेह कुर्सी पर बैठे, आगे-पीछे झूल रहे थे । साहब पिछले बीस सालों से इसी तरह झूले जा रहे हैं । साहब बीस साल पहले तक, इलाज करने वाले डॉक्टर हुआ करते थे । फिर साहब को सरकार ने प्रशासनिक काम सौंप दिया, तबसे साहब इसी काम मे लगे हैं […]