(पहली बार हिंदी में जानकारी जिसे हमे गैर मेडिकल साथियों,
विद्यार्थी, पेशेंट्स को भी भेजना चाहिए, ताकि हमारा विरोध आमजन भी समझे )
गैर चिकित्सक भारतीय भी
अवश्य पढ़ें !
सरकार द्वारा मेडिकल कौंसिल ऑफ इंडिया के स्थान पर नया नेशनल मेडिकल कमीशन बिल संसद में प्रस्तुत किया जा रहा है,
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन द्वारा इसका इसके वर्तमान स्वरूप में विरोध किया जा रहा है
क्यो 🙃😉😘🤪🧐😍😇🤬🤬
नेशनल मेडिकल कमीशन के दुष्प्रभाव 👇
1)मेडिकल कॉलेजों पर👇
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यह बिल प्राइवेट मेडिकल कॉलेजों की जुबान बोलेगा(pro private management),
जिससे सीटों के माध्यम से भ्रष्टाचार का नया रास्ता खुलेगा
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नये मेडिकल कॉलेज के लिए कोई अनुमति लेने की प्रक्रिया में कोई कठोर नियम नही होंगे ।
अनुमति की आवश्यकता नही होगी ।
अपने हिसाब से सीटों की संख्या बढ़ा सकेंगे । 40% सीटों की फीस सरकार तय करेगी,60%की
फीस मैनेजमेंट तय करेगा ।
चिकित्सा शिक्षा महंगी होगी,आम घरों के बच्चे बड़ी कठिनाई से प्रवेश ले पाएंगे ।
शिक्षा महंगी तो चिकित्सा भी महंगी,मरीजो का खर्चा बढ़ेगा ।
कुकुरमुत्ते की तरह जैसे इंजीनियरिंग कॉलेज खुले वैसे मेडिकल कॉलेज खुलेंगे व वापिस बंद भी हो जाएंगे । यहाँ से निकले विद्यार्थियो के स्तर का भगवान ही मालिक होगा ।
मेडिकल कॉलेज से यदि गलती हो जाये तो 5 करोड़ जुर्माना देकर छूट मिल जाएगी ।
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2) राज्यो पर प्रभाव 👇
कमीशन में भारत के केवल 5 राज्यो के प्रतिनिधि होंगे, 24 राज्यो का कोई प्रतिनिधित्व नही होगा, इनकी कोई सुनवाई नही ।
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राज्य मेडिकल कौंसिल जो राज्य के मेडिकल कॉलेजो पर नियंत्रण करती है उसका वजूद लगभग खत्म हो जाएगा । सारे काम दिल्ली से कमीशन द्वारा होंगे ।
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3) यूनिवर्सिटी , मेडिकल
एजुकेशन पर प्रभाव👇
इनका कोई प्रतिनिधि कमीशन में नही होगा बल्कि प्रत्येक राज्य से एकएक प्रतिनिधि सलाहकार समिति में होगा, जिसे मेडिकल एडवाइजरी कौंसिल कहा जायेगा, जिसके पास कोई अधिकार नही होंगे ।
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4) क्रॉस पेथी (दूसरी पेथी की दवाई लिखना)👇
गैर वैज्ञानिक जिसे भारतीय पद्धति बोलकर(एलोपैथी छोड़कर) पद्धतियों का घालमेल किया जा रहा है, जो कि मरीजो के जीवन से खिलवाड़ होगा ।
गैर वैज्ञानिक पद्धति को आयुष नाम देकर अलग पंजीयन होगा ।
इनके लिए अलग से ब्रिज कोर्से चलाये जाएंगे, फिर ये दिल दिमाग किडनी लिवर का इलाज करेंगे ।
सोचो फिर भारतीय जनमानस का क्या होगा ।
इनके लिए कोई नियम कायदे, कंज़्यूमर फोरम नही होगा, जो चाहे सो करे ।
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5) विदेश से पढ़े विद्यार्थी👇
बाहर से एम बी बी एस पढ़ा छात्र कोई भी बिना पंजीयन, बिना भारत की कोई परीक्षा पास किये ,
भारत मे प्रैक्टिस कर सकेगा ।
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6)भारतीय छात्र 👇
एम बी बी एस तक कुल 18 परीक्षा पास करेगा और फिर पंजीयन के लिए फिर एक परीक्षा देगा, प्रैक्टिस के लाइसेंस के लिए फिर एक परीक्षा ।
याने सरकार को अपने देश की पढ़ाई पर ही विश्वास नही है ।
7) अप्रजातांत्रिक, अप्रतिनिधित्व जैसा होगा कमीशन 👇
कमीशन के 25 सदस्यों में से केवल 5 सदस्यो का चुनाव होगा,
20 सदस्य गैर चिकित्सक सरकारी कर्मचारी, मनोनीत सदस्य होंगे । सरकार की मर्जी बिना कुछ नही होगा ।
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अंततः
😍बिल जन विरोधी, प्रो रीच ,प्रो प्राइवेट मैनेजमेंट होगा जो अमीरों के लिए होगा ।
आप जानते है अधिकतम प्राइवेट कॉलेज राजनीतिको के है ।
😍मरीज विरोधी होगा क्योंकि गैर वैज्ञानिक पद्धत्तियो का घालमेल होगा ।
😍चिकित्सा शिक्षा महंगी होगी याने आमजन के बूते से परे ।
😍चिकित्सा महंगी होगी ।
😍भारतीय छात्रों के लिए दरवाजे बंद, विदेशियो के लिए खुले ।
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सरकार से निवेदन है चिकित्सा क्षेत्र के विद्वानों की सलाह से ही बिल लाये ।
डॉ संजय लोंढे
डॉ सुमित शुक्ला
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